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भौतिक विज्ञान सम्बन्धित प्रश्नोत्तर

  • पदार्थ या द्रव्य (Matter) : जो वस्तु स्थान घेरती है तथा जिसमें द्रव्यमान होता है उसे  पदार्थ या द्रव्य कहते है 
  • पदार्थ की अवस्थाए (States of Matter) :   पदार्थ की तीन अवस्थाए होती है  ठोस (Solid)  द्रव्य (Liquid)  तथा  गैस (Gas) 
  •   द्रव्यमान (Mass) : किसी वस्तु में उपस्थित पदार्थ के परिमाप  को द्रव्यमान कहते है
  •  बल (Force) : बल वह कारण है जो किसी वस्तु पर क्रियाशील होने पर  उस वस्तु  के विराम या गति की अवस्था  को बदल देता है या बदलने की कोशिश करता है   बल = मात्रा × त्वरण या  ma
  • (भार (Weight) : वह बल जिससे किसी वस्तु को पृथ्वी अपनी ओर आकर्षित करती है उस वस्तु का भार कहलाता है
  •  घनत्व (Density): किसी वस्तु की इकाई आयतन में जो द्रव्यमान होता है उस वस्तु का घनत्व कहलाता  है अर्थात् घनत्व= द्रव्यमान/आयतन या W=M/V 
  • विशिष्ट घनत्व (Specific density): किसी ठोस या द्रव्य पदार्थ का विशिष्ट गुरुत्व उस पदार्थ का द्रव्यमान तथा 4 डिग्री सेल्सियस पर समान आयतन के शुद्ध जल के द्रव्यमान का अनुपात होता है 
  • मात्रा या इकाई (Unit): भौतिक विज्ञान के अध्ययन में विभिन्न पदार्थों की शुद्ध शुद्ध माप या तौल की आवश्यकता होती है किसी भौतिक राशि को मापने के लिए उसी प्रकार की राशि को प्रमाण माना जाता है जिसे  उसे माप का मात्रक या इकाई  कहते हैं 
  • मैट्रिक या सेंटीमीटर ग्रास सेकेंड प्रणाली (Metric or C.G.S. System): इस प्रणाली में लंबाई का मात्रक सेंटीमीटर द्रव्यमान का मात्रक ग्राम तथा समय का मात्रक सेकंड है 
  • मीटर किलोग्राम सेकंड प्रणाली (Metre Killo Gram Second System or M.K.S. System): सेंटीमीटर सेकंड प्रणाली का ही एक अन्य रूप MKS प्रणाली है इसे SI प्रणाली के नाम से भी जाना जाता है 
  • वेग (Velocity): किसी वस्तु के द्वारा इकाई समय में निश्चित दिशा में तय की गई दूरी को उस वस्तु का वेग  कहते हैं वेग एक सदिश राशि है 
  • चाल(Speed): किसी वस्तु के द्वारा इकाई समय में किसी दिशा में तय की गई दूरी को उस वस्तु का चाल कहते हैं चाल एक अदिश राशि है 
  • आपेक्षिक वेग(Relative Velocity): किसी एक वस्तु की तुलना में दूसरी वस्तु का वेग होता है वह दूसरी वस्तु का आपेक्षिक वेेग कहलाता है यदि दो वस्तु एक ही दिशा में गतिशील हो तो उनका आपेक्षिक वेग दोनों के वेगो के अंतर से प्राप्त होता है यदि दो वस्तु विपरीत दिशा में गतिशील हो तो उनका अपेक्षित वेग दोनों के वर्गों के योग से प्राप्त होता है 
  • न्यूटन के गति का  नियम (Newtons of law motion)
  • न्यूटन के गति के तीन नियम है :
  • पहला नियम : प्रत्येक वस्तु अपनी अवस्था में या सरल रेखा पर एक समान गति की दिशा में तय तब तक रहना चाहती है जब तक कि उस पर कोई बाहरी बल न लगाया जाए अर्थात बल वह कारण है जो किसी वस्तु की अवस्था में परिवर्तन ला देता है या लाने की कोशिश करता है 
  • गति के प्रथम नियम को जड़त्व का नियम (Law of inertia) भी कहते हैं अर्थात जब तक किसी पिंड पर कोई असंतुलित बल कार्य नहीं करता वह विराम की अवस्था में  या एक सरल रेखा में एक समान गति की अवस्था में रहता है 
  • दूसरा नियम : किसी संतुलित बल द्वारा किसी वस्तु में उत्पन्न किया गया त्वरण बल के समानुपाती और वस्तु के द्रव्यमान के  व्युत्क्रमानुपाती होता है तथा त्वरण की दिशा बल की दिशा में होती है  अर्थात त्वरण = बल/द्रव्यमान 
  • बल का मात्रक न्यूटन हैं   
  • एक न्यूटन का  बल वह बल है जो किलोग्राम द्रव्यमान की वस्तु में 1 मीटर प्रति सेकंड  का त्वरण उत्पन करता है  
  • तीसरा नियम : प्रत्येक क्रिया के सामान और विपरीत प्रतिक्रिया होती है

  • संवेग या आवेग (Momentum): किसी गतिशील वस्तु का संवेग उसका वह गुण है जो वस्तु के द्रव्यमान और वेग के संयुक्त फल से उस वस्तु में उत्पन्न होता है किसी वस्तु का संवेग उस वस्तु के द्रव्यमान और उसके वेग के गुणनफल के बराबर होता है अर्थात् संवेग = द्रव्यमान × वेग या M = mv   

  • SI प्रणाली में संवेग का मात्रक किलोग्राम मी./से.2 हैंं 
  • प्लवनलवन (Buoyaney): जब किसी वस्तु को किसी द्रव में डुबोया जाता है तो द्रव की ओर से वस्तु के ऊपर एक बल लगता है जो वस्तु को अंदर जाने से रोकता है

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